रांची। झारखंड में शराब घोटाले से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच शुरू कर दी है। एजेंसी ने एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की प्राथमिकी 09/2025 के आधार पर PMLA के तहत ECIR संख्या 10/2025 दर्ज की है।

रांची की विशेष PMLA अदालत ने ED को जेल में बंद सभी आरोपियों से पूछताछ और बयान दर्ज करने की अनुमति दे दी है। छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के मुख्य आरोपी पूर्व IAS अनिल टूटेजा, पूर्व ITS अधिकारी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर भी इस जांच के दायरे में हैं।

मामला सबसे पहले रांची के अरगोड़ा निवासी विकास सिंह के बयान पर दर्ज हुआ था, जिसमें छत्तीसगढ़ के इन अधिकारियों पर शराब नीति से अरबों रुपये का राजस्व नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया। इसके बाद ACB ने प्रारंभिक जांच पूरी कर मई 2025 में नियमित प्राथमिकी दर्ज की और पूर्व आबकारी सचिव विनय चौबे तथा संयुक्त सचिव गजेंद्र सिंह समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया।

ED के हस्तक्षेप से मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का कोण जुड़ गया है और छत्तीसगढ़ के आरोपियों से भी पूछताछ तय मानी जा रही है। ACB अपनी स्वतंत्र जांच जारी रखे हुए है।

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