गौरेला पेंड्रा मरवाही:-छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस में जिला कार्यकारिणी की नियुक्तियों को लेकर संगठन के भीतर असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

हाल ही में सार्वजनिक की गई जिला कार्यकारिणी की सूची को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच कई सवाल उठ रहे हैं। सूची में न तो प्रदेश अध्यक्ष के हस्ताक्षर हैं और न ही प्रदेश प्रभारी के, जबकि यह किसी भी स्तर पर औपचारिक आदेश के रूप में जारी होती हुई नहीं दिख रही है।

इसके बावजूद संबंधित जिला अध्यक्ष द्वारा इन नियुक्तियों को सार्वजनिक किया जाना संगठन के कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति पैदा कर रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि नियुक्तियाँ वैध और संगठन द्वारा अधिकृत हैं, तो उनमें प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रदेश प्रभारी के हस्ताक्षर क्यों नहीं हैं। इसी कारण इन नियुक्तियों की वैधानिकता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

गौरेला–पेंड्रा–मरवाही जिले में स्थिति और अधिक उलझी हुई नजर आ रही है। यहां युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष अमन शर्मा द्वारा स्वयं जिला कार्यकारिणी की नियुक्ति जारी की गई और इसके बाद कुछ पदाधिकारियों की नियुक्तियों पर स्वयं ही रोक लगा दी गई। इस पूरे घटनाक्रम ने संगठनात्मक प्रक्रिया और अनुशासन पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

संगठन के कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्पष्ट नियमों और प्रदेश नेतृत्व की स्वीकृति के बिना नियुक्तियाँ जारी करना और फिर उन्हें स्थगित करना, संगठनात्मक मर्यादाओं के विपरीत है। इससे न केवल कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित हुआ है, बल्कि संगठन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

इस पूरे मामले को लेकर संगठन के कई कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रदेश प्रभारी से स्पष्ट और आधिकारिक बयान जारी करने की मांग की है, ताकि नियुक्तियों की स्थिति स्पष्ट हो सके और संगठन में पारदर्शिता बनी रहे।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस का प्रदेश नेतृत्व इन कथित अनौपचारिक प्रक्रिया से की गई नियुक्तियों पर रोक लगाता है या फिर औपचारिक आदेश जारी कर इन्हें वैधता प्रदान करता है। फिलहाल, पूरे मामले ने संगठन के भीतर असमंजस और चर्चा का माहौल बना दिया है।

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