बिलासपुर। पति-पत्नी के वैवाहिक विवाद से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा दिए गए तलाक के आदेश को बरकरार रखते हुए पत्नी की अपील को खारिज कर दिया है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि बार-बार आत्महत्या की धमकी देना और आत्महत्या का प्रयास करना मानसिक क्रूरता है, जो किसी भी वैवाहिक संबंध को टूटने की कगार पर ले जाता है।

शादी के बाद से ही शुरू हुए विवाद
जानकारी के अनुसार, अपीलकर्ता पत्नी का विवाह 11 मई 2018 को हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ था। कुछ समय बाद दंपत्ति के यहां एक पुत्र का जन्म हुआ। शादी के महज एक सप्ताह बाद पति-पत्नी डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर जा रहे थे, तभी उनके सामने अचानक भैंस आ जाने से एक्सीडेंट हो गया। घटना के बाद पत्नी के पिता उन्हें बागतराई ले गए और दावा किया कि बेटी पर किसी “साये” का प्रभाव है। उन्होंने दंपत्ति को हर गुरुवार अधारी नवगांव स्थिति दरगाह में हाज़िरी लगाने का निर्देश दिया।

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पति लगभग सात से आठ महीने तक पत्नी को वहां ले जाता रहा, जिससे उसके व्यवसाय पर गहरा असर पड़ा। इसी दौरान पति को पता चला कि पत्नी और उसका परिवार मुस्लिम है तथा उन्होंने यह तथ्य शादी से पहले छिपाया था। इसके बाद पत्नी और उसके परिवार द्वारा पति पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाए जाने लगा, जिसे उसने अस्वीकार कर दिया। इसके चलते दंपत्ति के बीच विवाद और बढ़ गया।

आग लगाने की कोशिश, धमकियों से पति मानसिक रूप से टूट गया
अदालत के समक्ष पति ने कई प्रमाण प्रस्तुत किए, जिनसे यह सिद्ध हुआ कि पत्नी आए दिन आत्महत्या की धमकियां देती थी। 25 सितंबर 2019 को हुई घटना बेहद गंभीर थी, जब पत्नी ने विवाद के दौरान अपने ऊपर केरोसिन डालकर खुद को आग लगाने की कोशिश की। पति ने किसी तरह उसे बचाया, जिसके बाद वह मायके चली गई।

लगातार तनाव और मानसिक उत्पीड़न से परेशान पति ने पारिवारिक न्यायालय में तलाक की अर्जी दायर की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। इसी फैसले को चुनौती देते हुए पत्नी ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी।

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हाईकोर्ट ने कहा – ‘पति के लिए साथ रहना संभव नहीं’

हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि—

  • आत्महत्या की धमकी देना मानसिक क्रूरता की श्रेणी में आता है।
  • ऐसा व्यवहार किसी भी व्यक्ति के लिए असहनीय मानसिक दबाव पैदा करता है।
  • वर्ष 2020 से दोनों अलग रह रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि रिश्ते सामान्य स्थिति में लौटने की संभावना नहीं है।

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